कागज का टुकड़ा | ब्रजेन्द्र त्रिपाठी
कागज का टुकड़ा | ब्रजेन्द्र त्रिपाठी

कागज का टुकड़ा | ब्रजेन्द्र त्रिपाठी

कागज का टुकड़ा | ब्रजेन्द्र त्रिपाठी

आपके हाथ में
कागज का ये टुकड़ा है
और आप इसके साथ

कुछ भी सलूक कर सकते हैं –

       रच सकते हैं कोई सुंदर-सी कविता
       उरेह सकते हैं मनमोहक छवि
       बना सकते हैं ज्यामितीय आकृति

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लिख सकते हैं –

       धोबी को दिये गए कपड़ों का हिसाब
       रोजमर्रा के खर्च के आँकड़े
       लोगों से ली गई कर्ज की राशि

चाहे तो भेज सकते हैं –

       प्रेयसी को खत
       मित्रों को नववर्ष की शुभकामनाएँ
       दुश्मनों को चुनौतियाँ

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कागज का यह टुकड़ा
स्वयं खड़ा है आपके सामने चुनौती की मुद्रा में
देखें –
इसके साथ आप क्या सलूक करते हैं !

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