साईन बोर्ड

लॉ के नए विद्यार्थियों के स्वागत में दी जा रही यह लॉ कॉलेज की फ्रेशर पार्टी थी। सभी लड़कियाँ बला की खूबसूरत लग रहीं थीं। कुछ ने ग्लैमरस दिखने की कोशिश में वेस्टर्न कपड़ों का चुनाव किया था। लड़कियों के बीच छितरा हुआ लड़कों का झुंड बता रहा था कि वे अपनी कोशिश में कामयाब … Read more

भेड़िया

दादी याद आती तो उनके साथ ही अकसर भेड़िया भी याद आ जाता। दादी खुद तो आँगन में सोती पर हमें भीतर कमरों में सुलाती। उन्हें डर था कि कहीं भेड़िया घर की किसी बच्ची को न उठा ले जाए। हम भी जोश से कहते, ”भेड़िया जब उठाकर ले जाएगा, तो क्या हमारी नींद नहीं … Read more

नागपाश

कृष्ण पक्ष समाप्त हुआ, अब चाँद के घटते जाने की पीड़ा से निजात मिलेगी ‘परी’। नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएँ।” मेरी जानी पहचानी आवाज ने मुझसे फोन पर बस इतना कहा और यह कहकर फोन रख दिया कि वह एयरपोर्ट पर मेरा इंतजार कर रहा है। सोडा वाटर की बोतल की तरह मेरे मन में भी … Read more

नेपथ्य में

..आधी रात को अचानक एक तेज चीख गली के बाहर दौड़ी गई…। ‘मिल गई आजादी…’ मैं हैरान, स्तब्ध अपने आप को सँभालती हुई बिस्तर से उठ खड़ी हुई। मुझे अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ और मैं दरवाजे तक दौड़ आई। ”मिल गई आजादी…, हाँ, हाँ मिल गई आजादी…।” आवाजों का जुलूस चीखता हुआ गली … Read more

गाँठें

मैं जब जन्मा तब रोया नहीं था। इसलिए मेरे पैदा होते ही मेरी माँ रो पड़ी। डॉक्टर कहते थे कि मैं शायद कभी सुन और बोल न सकूँ। मेरे मस्तिष्क का पूरी तरह विकास नहीं हो पाया है। मैं गूँगा, बहरा, मंदबुद्धि, दुनिया के लिए गैर जरूरी हो गया। मेरे जन्म के बाद मेरे पिता … Read more

क्लीन चिट

बंगला साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेककर सरोवर किनारे बैठना सिमरन कौर को इतनी शांति देता था कि घर-गृहस्थी और ऑफिस की महीने भर की थकान उतर जाया करती। इसलिए हर महीने के आखिरी इतवार को वह इस गुरुद्वारे में मत्था टेकने जरूर आया करती। मम्मी और छोटी बहन के साथ इतवार की कई पिकनिक उसने … Read more