Aagaz Lyrics | Cypher Jubin Nautiyal, Dhvani Bhanushali

Aagaz Lyrics | Jubin Nautiyal, Sagar Pathak आगाज़ है नया एहसास कोई जगा शरीक तू मुझमें है या खुद से मैं हूँ जुदा यूँ इतर की तरह तू जो रूह में घुला बनके खाब मैं तेरा फिज़ा में महकने लगा तू ही रब, तू ही खुदा तू ही रब, तू ही दुआ तू ही शाम, … Read more