रॉ (RAW) के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य

1. 1984 में रॉ(RAW: Research and Analysis Wing) ने भारतीय सेना को पाकिस्तान के बारे में एक मत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई थी जिसके अनुसार पाकिस्तान सियाचिन ग्लेशियर के साल्टोरो रिज पर कब्जा करने के लिए ऑपरेशन “अबाबील” नाम से आक्रमण की योजना बना रहा था। अतः भारतीय सेना ने ऑपरेशन मेघदूत की शुरूआत की थी और करीब 300 सैनिकों को साल्टोरो रिज में तैनात किया गया था। परिणामस्वरूप पाकिस्तान की सेना को पीछे हटना पड़ा था।

2. एक रॉ एजेंट के रूप में काम करने के लिए पात्रता-
 • देश का नागरिक होना चाहिए।
 • आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं होना चाहिए।
 • आवेदक नशीली दवाओं का आदी नहीं होना चाहिए।
 • आवेदक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की हो और कम से कम एक विदेशी भाषा पर उसकी पकड़ होनी चाहिए।
 • आवेदक को हमेशा देश के किसी भी हिस्से में यात्रा करने के लिए तैयार होना चाहिए।
 • इस जॉब में आवेदन करने से पूर्व अपने दोस्तों या रिश्तेदारों को इसकी जानकारी नहीं देनी चाहिए।
 • आवेदक का चरित्र बनावटी नहीं होना चाहिए।

3. रॉ एजेंट अपने परिवार और दोस्तों के साथ अपनी पहचान साझा नहीं कर सकते हैं।
 • वे किसी घटना, लक्ष्य या जानकारी का पीछा करते हैं और इस बात का पता लगाते हैं कि यह घटना कहाँ घटित हुई है एवं इसमें कौन-कौन शामिल है।
 • कभी-कभी वे आर्थिक और नैतिक रूप से भ्रष्ट अधिकारियों से मिलकर उनके पास से जानकारियाँ इकठ्ठा करते हैं।
 • मुख्यालय के भीतर इनका जीवन सुरक्षित होता है लेकिन यहाँ भी इनका काम बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। अगर किसी खुफिया जानकारी का रहस्योदघाटन होता है तो इसकी पूरी जिम्मेवारी इन्हीं लोगों पर आती है। कभी कभी यदि उनके सहयोगी गिरफ्तार हो जाते हैं तो वे तत्क्षण उससे संबंधित सारी जानकारी मिटा देते हैं एवं उसे पहचानने से इंकार कर देते हैं।
 • यहाँ तक कि अगर वे हमारे देश के बाहर किसी अभियान में गिरफ्तार हो जाते हैं तो सरकार उनसे पल्ला झाड़ लेती है।
 •अगर वे ड्यूटी पर मर जाते हैं तो उन्हें सैन्य सम्मान या पदक नहीं दिया जाता है लेकिन अगर वे अपने मिशन को पूरा करने में सफल हो जाते हैं तो वे हमारे देश के कई लोगों की जिन्दगी बचा पाते हैं।
 • रॉ एजेंट्स को अमेरिका, यूके और इजराइल में ट्रेनिंग दी जाती है ताकि वो खतरनाक परिस्थिति में किसी भी काम को अंजाम दे सके।

See also  अनन्या पांडे की इन PHOTOS को देख दीवाने हुए नेटिजेंस

4. PLOTE नामक एक तमिल आतंकवादी संगठन ने नवंबर 1988 में मालदीव पर आक्रमण किया था। जिसके कारण मालदीव के राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम ने भारत से मदद मांगी थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भारतीय सेना के 1600 सैनिकों को मालदीव में व्यवस्था बहाल करने के लिए मालदीव के हुल्हुले द्वीप पर हवाई मार्ग से भेजने का आदेश दिया था और रॉ ने सेना को आवश्यक खुफिया सूचनाएं प्रदान की थी। अंततः भारतीय सैनिक कुछ ही घंटों के भीतर वहाँ शासन बहाल करने में सफल हुए थे।

See also  'यात्रीगण कृपया ध्यान दें' आवाज़ किसकी है

5. 23 जून 1985 को इंडियन एयरक्राफ्ट 747-237बी को 31,000 फीट की ऊंचाई पर ब्‍लास्‍ट कर दिया गया। आयरलैंड के पास हुए इस आतंकी हमले में 329 यात्रियों की मौत हो गई थी। इस टेरर अटैक को रॉ की सबसे बड़ी नाकामयाबी माना जाता है क्‍योंकि यह अटैक उस समय हुआ जब पंजाब में आतंकवाद चरम पर था।

6. कश्मीर में शांति बहाल करने के लिए और अलगाववादी समूहों के घुसपैठ को रोकने के लिए रॉ द्वारा ‘ऑपरेशन चाणक्य’ चलाया गया था। इस ऑपरेशन के द्वारा घाटी में आतंकवादी गतिविधियों को बेअसर करने में सफलता मिलीं थी। इसके अलावा अलगाववादी समूहों और अन्य आतंकवादियों के साथ आईएसआई के शामिल होने के बारे में सबूत एकत्रित किये गए थे और आतंकवादी संगठन हिज्ब-उल-मुजाहिदीन को विभाजित कर कश्मीर समर्थक भारतीय समूह बनाने में सफलता प्राप्त हुई थी।

7. 1975 में के अधिकारियों द्वारा ‘रविन्द्र कौशिक’ एक जासूस के रूप में पाकिस्तान भेजा गया था, जहाँ वे पाकिस्तानी सेना में शामिल होने में कामयाब रहे और ‘मेजर’के पद तक पहुँचने में सफल हुए थे। उन्होंने खुफिया एजेंसियों को बहुमूल्य जानकारी भेजकर हजारों भारतीयों की जिन्दगी बचाई थी, और इसलिए रॉ द्वारा उन्हें ‘ब्लैक टाइगर’ की उपाधि प्रदान की गई थी।

8. मिशन पूरा होने के बाद आप रॉ को छोड़ भी सकते है लेकिन ये जानकारी आप किसी को नही दे सकते कि मैने रॉ में काम किया। क्योंकि रॉ एक खुफिया एजेंसी है जो किसी भी तरह से सार्वजनिक नही होना चाहती।

See also  'Anupamaa' ब्लू गाउन में, Rupali Ganguly Pics

9. पाकिस्‍तान और अमेरिका की मदद से जब अफगानिस्‍तान में तालिबान मजबूत होने लगा तो भारत ने नार्दन अलाइंस और सोवियत यूनियन के साथ जाने का फैसला किया। रॉ पहली इंटेलीजेंस एजेंसी बनी जिसने कुंदुज एयरलिफ्ट की भूमिका को तय किया था। भारत ने करीब आठ से 10 मिलियन डॉलर की मदद से नॉर्दन अलायंस को लड़ाई के लिए हथियार दिए थे।

10. रॉ का आदर्श वाक्य है ‘धर्मो रक्षति रक्षित:’
 चीन के साथ वर्ष 1962 में हुए युद्ध के बाद इस एजेंसी का गठन किया गया था। तब से लेकर आज तक यह‍ एजेंसी देश की सुरक्षा एजेंसियों को दुश्‍मन की साजिश के खिलाफ आगाह करने का काम करती आ रही है। उस समय देश की प्रधानमंत्री रही इंदिरा गांधी ने इसका गठन किया था और वाराणसी के राम नाथ काओ रॉ के सबसे पहले चीफ थे। और इसका मुख्यालय दिल्ली में है।

Leave a Reply

अलग-अलग पोज़ में अवनीत कौर ने करवाया कातिलाना फोटोशूट टीवी की नागिन सुरभि ज्योति ने डीप नेक ब्लैक ड्रेस में बरपया कहर अनन्या पांडे की इन PHOTOS को देख दीवाने हुए नेटिजेंस उर्फी जावेद के बोल्ड Photoshoot ने फिर मचाया बवाल अनन्या पांडे को पिंक ड्रेस में देख गहराइयों में डूबे फैंस Rashmi Desai ने ट्रेडिशनल लुक की तस्वीरों से नहीं हटेगी किसी की नजर ‘Anupamaa’ ब्लू गाउन में, Rupali Ganguly Pics Farhan-Shibani Dandekar Wedding: शुरू हुई हल्दी सेरेमनी Berlin Film Festival: आलिया ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ स्टाइल में PICS अवनीत कौर प्रिंटेड ड्रेस में, बहुत खूबसूरत लग रही हैं Palak Tiwari ने OPEN ब्लेजर में कराया BOLD फोटोशूट साड़ी के साथ फ्लावर प्रिंटेड ब्लाउज़ में आलिया भट्ट
%d bloggers like this: