चूडियाँ जब बजतीं है

???चूडियाँ???

मैंने  अक्सर  लोगों  को कहते सुना है कि चूडियाँ  पहन  कर घर में  बैठो
अर्थात  चूडियाँ  पहनने वाले हाथ बहुत कमजोर होते है …
पर मैं इससे सहमत नहीं
इसके जवाव  मे ही किसी ने ये रचना लिखी है

चूडियाँ जब बजतीं
हैं
बहुत भली ही लगतीं हैं

माँ की चूड़ियाँ बजती हैं
सुबह सुबह नींद से जगाने के लिये

माँ की चूड़ियाँ बजती हैं
एक एक कौर बना कर मुझे खिलाने के लिये

माँ की चूड़ियाँ बजती हैं
थपकी दे कर मुझे सुलाने के लिये

माँ की चूड़ियाँ बजती हैं
आर्शीवाद और दुआयें देने के लिये……….

हे! ईश्वर सदा मेरी माँ की चूड़ियाँ
इसी तरह बजती रहें खनकती रहें

ये जब तक बजेंगी खनकेंगी
मेरे पापा का प्यार दुलार
मेरे सिर पर बना रहेगा……
वरना तो मैं कुछ भी नहीं कुछ भी नहीं

?बहन की चूड़ियाँ बजती हैं?

See also  सबसे ज्यादा पुण्य किसका? बेताल-पच्चीसी तीसरी कहानी

बहन की चूड़ियाँ बजती हैं
मेरी कमर पर प्यार भरा
धौल जमाने के लिये

बहन की चूड़ियाँ बजती हैं
मेरे माथे पर चंदन टीका लगाने के लिये

बहन की चूड़ियाँ बजती हैं
मेरी कलाई पर राखी बाँधने के लिये

बहन की चूड़ियाँ बजती हैं
लड़ने और झगड़ने के लिये

हे! ईश्वर सदा मेरी बहन की चूड़ियाँ
इसी तरह बजती रहें खनकती रहें

ये जब तक बजेंगी साले बहनोई का
रिश्ता रहेगा
और रहेगा भाई बहन का प्यार जन्मों तक……….

?पत्नी की चूड़ियाँ बजती हैं?

पत्नी की चूड़ियाँ बजती हैं
प्रतीक्षारत हाथों से दरवाजा खोलने के लिये

पत्नी की चूड़ियाँ बजती हैं
प्यार और मनुहार करने के लिये
.
पत्नी की चूड़ियाँ बजती हैं
हर दिन रसोई में
मेरी पसन्द के तरह तरह के
पकवान बनाने के लिये

हे ईश्वर मेरी पत्नी की चूड़ियाँ
इसी तरह बजती रहें खनकती रहें

See also  सोहाग का शव | मुंशी प्रेमचंद | हिंदी कहानी

जब तक ये चूड़ियाँ बजेंगी खनकेंगी
तब तक मैं हूं मेरा अस्तित्व है
वरना, इनके बिना मैं कुछ भी नहीं कुछ भी नहीं

?बेटी की चूड़ियाँ बजती हैं?

बेटी की चूड़ियाँ बजती हैं
पापा पापा करके ससुराल जाते वक्त
मेरी कौली भरते समय

बेटी की चूड़ियाँ बजती हैं
दौड़ती हुयी आये और मेरे
सीने से लगते वक्त

बेटी की चूड़ियाँ बजती हैं
सूनी आँखों में आँसू लिये
मायके से ससुराल जाते वक़्त…….

बेटी की चूड़ियाँ बजती हैं
रूमाल से अपनी आँख के आँसू
पापा से छिपा कर पोंछते वक़्त

हे! ईश्वर मेरी बेटी की चूड़ियाँ
इसी तरह बजती रहें खनकती रहें

जब तक ये बजेंगी खनकेंगी
मैं उससे दूर रह कर भी
जी सकूंगा……
खुश रह सकूंगा

?बहू की चूड़ियाँ बजती हैं?

बहू की चूड़ियाँ बजती हैं
मेरे घर को अपना बनाने के लिये

बहू की चूड़ियाँ बजती हैं
मेरे दामन को खुशियों से
भरने के लिये

See also  कफ़न | मुंशी प्रेमचंद | हिंदी कहानी

बहू की चूड़ियाँ बजती हैं
मेरा वंश y बढ़ाने के लिये

बहू की चूड़ियाँ बजती हैं
मेरे बेटे को खुश रखने के लिये

हे! ईश्वर मेरी बहू की चूड़ियाँ
सदा इसी तरह बजती रहें खनकती रहें

जब तक ये बजेंगी खनकेंगी
मेरा बुढ़ापा सार्थक है वरना,
इनके बिना तो मेरा जीना ही
निष्क्रिय है निष्काम है ..

Leave a Reply

अलग-अलग पोज़ में अवनीत कौर ने करवाया कातिलाना फोटोशूट टीवी की नागिन सुरभि ज्योति ने डीप नेक ब्लैक ड्रेस में बरपया कहर अनन्या पांडे की इन PHOTOS को देख दीवाने हुए नेटिजेंस उर्फी जावेद के बोल्ड Photoshoot ने फिर मचाया बवाल अनन्या पांडे को पिंक ड्रेस में देख गहराइयों में डूबे फैंस Rashmi Desai ने ट्रेडिशनल लुक की तस्वीरों से नहीं हटेगी किसी की नजर ‘Anupamaa’ ब्लू गाउन में, Rupali Ganguly Pics Farhan-Shibani Dandekar Wedding: शुरू हुई हल्दी सेरेमनी Berlin Film Festival: आलिया ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ स्टाइल में PICS अवनीत कौर प्रिंटेड ड्रेस में, बहुत खूबसूरत लग रही हैं Palak Tiwari ने OPEN ब्लेजर में कराया BOLD फोटोशूट साड़ी के साथ फ्लावर प्रिंटेड ब्लाउज़ में आलिया भट्ट
%d bloggers like this: