छत्तीसगढ़ के पुरातत्व और संस्कृति का बेजोड़ नमूना सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर…

छत्तीसगढ़ वैसे तो पूरे विश्व में अपनी संस्कृति और पुरातात्विक महत्व को लेकर विख्यात है। जगदलपुर से लेकर अंबिकापुर तक इसका इतिहास अपने आप में कई खूबियों को समेटे हुए है। इसमें भी यदि हम बात करें सिरपुर की, तो इसके पुरा वैभव से संबंधित बहुत सी बेजोड़ नमूने आज भी आकर्षण का केंन्द्र बने हुए हैं। जो बरबस ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। 

और भी क्यों ना… सिरपुर है ही ऐसी जगह, जहां महानदी के तट पर प्राचीन विरासत सहज ही लोगों को देखने मिलती है। वहीं हम यदि बात करें सिरपुर के लक्ष्मण मंदिर की तो इसकी बनावट और प्राचीनता देखकर ही सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि आज की इंजीनियरिंग और 14 सौ साल पहले की इंजीनियरिंग में क्या फर्क रहा होगा।  क्या 14 साल पहले भी ऐसी बनावट होती थी, वो भी सिर्फ ईंटों के सहारे क्या इतने विशाल मंदिर का निर्माण किया जा सकता था…है ना आश्चर्य की बात…तो चलिए हम आपको सिरपुर के लक्ष्मण मंदिर से जुड़े कुछ और भी जानकारियां देते हैं।

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ताजमहल से भी है पुराना 
सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर भारत का ईंटों से बना पहला मंदिर है। इस मंदिर के निर्माण के बारे में कहा जाता है यह ताजमहल से भी पुराना है। दक्षिण कौशल में पति प्रेम की इस निशानी को 635-640 ईसवीं में राजा हर्षगुप्त की याद में रानी वासटादेवी ने बनवाया था।  वहीं ताजमहल की बात करें तो आगरा में अपनी बेगम आरजूमंद बानो (मुमताज) की स्मृति में शाहजहां ने ईसवी 1631-1645 के मध्य ताजमहल का निर्माण कराया। 

प्राकृतिक आपदाओं से हमेशा रहा सुरक्षित
ईटों से बना यह मंदिर, एक ऊंचे प्लेटफॉर्म पर और तीन प्रमुख भागों में बना हुआ है। इस मंदिर में कहा जाता है कि यह प्राकृतिक आपदाओं से आज तक पूरी तरह सुरक्षित बना हुआ है। इस पर भूकंप तक का प्रभाव परिलक्षित नहीं हो पाता। इसके बारे में पुरातत्व के जानकार बताते हैं कि 12वीं सदी में सिरपुर में भयानक भूकंप आया था। इस समय सिरपुर में लक्ष्मण मंदिर के आसपास के बहुत सारे मंदिर और इलाके जमींदोज हो गए थे, पर लक्ष्मण मंदिर में जरा सी भी आंच नहीं आई थी। इसलिए इसकी बनावट और कलाकृति के वैज्ञानिक भी कायल हैं।

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सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है
सिरपुर तक पहुंचने के लिए रायपुर से आपको सड़क मार्ग से जाना पड़ेगा। वैसे रायपुर से महासमुंद तक रेलमार्ग है, लेकिन इस पर सिर्फ एक या दो ट्रेनें ही चलती है। इसलिए लोग प्राय: सड़क मार्ग से आना पसंद करते हैं। वहीं यदि आप छत्तीसगढ़ से बाहर के हैं तो आप रायपुर तक वायुमार्ग, ट्रेन या अन्य साधनों से भी आ सकते हैं। लेकिन रायपुर से आपको सड़क मार्ग से ही सफर करना होगा। रायपुर से सिरपुर की दूरी 90 किलोमीटर के आसपास है।

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तो आपकी अगली ट्रिप सिरपुर पक्की ना….

Other Temples in Sirpur:

Gandheshwar Shiv Temple, Sirpur, Chhattisgarh

Tivardev Viahar, Sirpur, Chhattisgarh

Swastik Vihara, Sirpur, Chhattisgarh

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