टाइप 1 मधुमेह लेने योग्य आहार:

  • ताजे फल और सब्जियों का अधिक मात्रा में सेवन करें
  • स्टार्चयुक्त कार्बोहाइड्रेट वाले आहार जैसे कि ब्रेड, पास्ता, चपातियाँ, आलू, रतालू, नूडल्स, चावल और अनाज व दालें।
  • सर्वोत्तम प्रकार की वसा मोनोसैचुरेटेड (जैतून, मूंगफली, और केनोला तेल; एवोकेडो; और मेवे) और ओमेगा-3 पोलीअनसेचुरेटेड (मछली, अलसी का तेल, और अखरोट) होती है।
  • वसायुक्त मांसाहार के कम वसा वाले विकल्प के तौर पर चिकन, टर्की, लीन मीट, और मछली को चुनें।
  • कम वसा वाले डेरी उत्पाद जैसे कि स्किम्ड या सेमी-स्किम्ड मिल्क, कम वसा युक्त दही और पनीर।
  • फलियों और दालों को अधिक लें जैसे कि मूंग की दाल, चवला फली, छोले, और लाल व हरी दालें।
  • प्रोटीन के कम वसा वाले स्रोत चुनें जैसे चिकन, मछली, कम वसा युक्त पनीर, या शाकाहारी आहार जैसे सोया।
  • सेब, एवोकेडो, जौ, फलियाँ, बेरीज, ब्रोकोली, चिकन, गाजर, अंडे, मछली, अलसी, दूध और दही, मेवे, गिरी, जई, जैतून का तेल, मूंगफली युक्त मक्खन, होल ग्रेन ब्रेड, और शकरकंद ये सभी मधुमेह को नियंत्रित करने हेतु उत्तम आहार हैं।
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टाइप 2 मधुमेह लेने योग्य आहार:

  • करेला, मेथी, जामुन, लहसुन, प्याज़, अलसी, दालचीनी का पानी, फाइबर युक्त आहार जैसे कि सेब, मूंग दाल, जई, सोयाबीन इत्यादि मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायता करते हैं।
  • स्वास्थ्यकारी प्रोटीन लें जैसे कि फलियाँ, मछली, या त्वचारहित चिकन।
  • स्वास्थ्यवर्धक वसा युक्त आहार जैसे कि जैतून का तेल, मेवे (बादाम, अखरोट, पेकंस), और एवोकेडो।
  • लाभकारी वसा जैसे कि ओमेगा 3 और एमयूएफ़ए भी लिए जाने चाहिए क्योंकि ये शरीर के लिए अच्छे होते हैं। इनके प्राकृतिक स्रोत केनोला तेल, अलसी का तेल, वसायुक्त मछली और मेवे हैं।
  • फाइबर की अधिकता वाले फल जैसे कि पपीता, सेब, संतरा, नाशपाती और अमरुद लेने चाहिए। आम, केले, और अंगूर में शक्कर अधिक होती है इसलिए इन्हें दूसरे फलों की अपेक्षा कम खाना चाहिए।
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